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Janm Kundali

Your Janm Kundali is the map of cosmic positions at the moment of your birth — a structural snapshot that classical Vedic astrologers read for personality, life-direction, marriage, career, and timing. The articles below cover everything from the basics of reading a chart to advanced divisional analysis.

  1. 01

    विंशोत्तरी दशा: 120-वर्षीय जीवन चक्र समझाया गया

    विंशोत्तरी दशा वैदिक भविष्यवाणी का प्राथमिक समय-तंत्र है - एक 120-वर्षीय ग्रह-काल प्रणाली। यहाँ बताया गया है कि यह कैसे काम करता है और इसका उपयोग कैसे करें।

    Vidhata Editorial Desk · 14 मार्च 2026 · 9 min read

  2. 02

    आत्मकारक: जैमिनी ज्योतिष के केंद्र में बैठा आत्मा का कारक

    आपके चार्ट में सबसे ऊँचे अंश पर बैठे ग्रह को जैमिनी पद्धति आत्मा का ही कारक मानती है। यह वास्तव में क्या अर्थ रखता है, इसे कैसे खोजें, और यह एक स्थापन पूरे पाठ को कैसे पुनर्गठित करता है।

    Vidhata Editorial Desk · 19 जुल॰ 2025 · 12 min read

  3. 03

    द्वादश भाव में ग्रह: एकांत, विदेश, अथवा आध्यात्मिक गहराई

    द्वादश भाव वैदिक ज्योतिष का सर्वाधिक भयभीत भाव है - हानि, अस्पताल-वास, एकांत, गुप्त-शत्रु। पर यह मोक्ष, विदेश, और गहन चिंतन का भी भाव है। यहाँ हर ग्रह का अर्थ है।

    Vidhata Editorial Desk · 17 जुल॰ 2025 · 8 min read

  4. 04

    वैदिक ज्योतिष में दशम भाव: आपका कर्म स्थान वास्तव में क्या तय करता है

    हर कोई जानना चाहता है कि उसका करियर कब चमकेगा। शास्त्रीय वैदिक ज्योतिष इस प्रश्न का उत्तर एक भाव से देता है। BPHS और फलदीपिका दशम भाव के बारे में वास्तव में क्या कहते हैं, और आधुनिक व्याख्याएँ कहाँ चूकती हैं।

    Vidhata Editorial Desk · 8 जून 2025 · 11 min read

  5. 05

    अष्टकवर्ग: हर भाव और हर गोचर को अंक देने वाली 8-स्तरीय प्रणाली

    अष्टकवर्ग प्रत्येक राशि को 0 से 8 तक का "बिंदु" स्कोर देता है - हर ग्रह की अन्य ग्रहों के सापेक्ष स्थिति के आधार पर। इसी से हर भाव और हर गोचर की अनूठी शक्ति-रेटिंग बनती है। यहाँ इसका सही उपयोग सीखिए।

    Vidhata Editorial Desk · 18 फ़र॰ 2025 · 7 min read

  6. 06

    नवमांश (D9): कुंडली के भीतर की कुंडली, जहाँ विवाह और धर्म छिपे हैं

    नवमांश वैदिक ज्योतिष की सबसे अधिक परामर्श की जाने वाली विभाजित कुंडली है। यह वह उद्घाटित करती है जिसका जन्म D1 कुंडली केवल संकेत देती है - साझेदारी की सच्चाई, जीवन-उत्तरार्ध की अभिव्यक्ति, और धार्मिक नियति। यहाँ है पाठ की विधि।

    Vidhata Editorial Desk · 17 जन॰ 2025 · 8 min read

  7. 07

    जन्म कुंडली क्या है? पहली बार जिज्ञासुओं के लिए वैदिक जन्मपत्री समझाई गई

    जन्म कुंडली आपके जन्म के क्षण में आकाश का नक्शा है। इसमें हर तत्व का अर्थ हम बिना जटिल भाषा के समझाते हैं - लग्न, ग्रह, भाव, अंश-कुंडलियाँ।

    Vidhata Editorial Desk · 2 सित॰ 2024 · 8 min read

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