Vimshottari · 7 years · Classical Vedic

मंगल Mahadasha effects in Vedic astrology

मंगल महादशा सात वर्ष की होती है। मंगल ग्रह-मण्डली का क्षत्रिय है। यह मेष और वृश्चिक का स्वामी है, मकर में उच्च, कर्क में नीच, और बीपीएचएस में ऊर्जा, ज्येष्ठ भ्राता तथा मुकदमे का कारक कहा गया है। बलवान स्थिति में मंगल की दशा पहल, साहस, खेल और सैनिक कीर्ति, सम्पत्ति लाभ, तथा कार्य आरंभ करके पूरा कर लेने की इच्छा देती है। पीड़ित मंगल हो तो वही सात वर्ष दुर्घटना, शल्य प्रसंग, भाइयों से कलह, अग्नि और चोरी की हानि, अथवा संबंधों को नुकसान पहुँचाने वाला दीर्घ क्रोध बनकर सामने आते हैं।

Duration
7 years
Sanskrit
मंगल
Total cycle
120 years

ऊर्जा, साहस, भाई, भूमि और शल्य चिकित्सा का कारक।

Characteristic themes during मंगल Mahadasha

मुख्य विषय दबाव में कर्म है। मंगल जिसे छूता है, उसे तेज कर देता है, इसलिए यह दशा कभी तटस्थ नहीं लगती। सम्पत्ति का क्रय या विक्रय, भाई से जुड़ी घटना, शल्य चिकित्सा, करियर का तीखा मोड़, अथवा अचल सम्पत्ति विवाद इन सात वर्षों के केन्द्र बिंदु अक्सर बनते हैं। यदि मंगल केन्द्र में स्वगृही या उच्च हो तो यह काल भौतिक उपलब्धियाँ बनाता है। यदि मंगल राहु से पीड़ित हो तो आक्रामकता और दुर्घटनाएँ बढ़ती हैं, जिसे शास्त्र अंगारक योग कहते हैं।

Career during the period

मंगल सेना, पुलिस, खेल, शल्य चिकित्सा, अभियांत्रिकी, स्थावर सम्पदा, खनन, अग्नि-संबंधी व्यवसाय और स्व-उद्यम का स्वामी है। दशम भाव का मंगल इसकी दशा में इन क्षेत्रों में सफलता देता है। निर्माता, चिकित्सक (विशेषकर शल्य चिकित्सक), रक्षा कार्मिक तथा स्व-नियोजित ठेकेदार प्रायः अपनी मंगल महादशा में चरम पर पहुँचते हैं। निर्बल मंगल की दशा कलह से नौकरी बदलना, बर्खास्तगी अथवा सम्पत्ति विवाद देती है।

Marriage and relationships

विवाह के लिए मंगल भाइयों और भ्रातृत्व का कारक है, स्वयं विवाह का नहीं, परंतु यह सप्तम-भाव से जुड़े प्रश्न पर प्रबल प्रभाव डालता है। मांगलिक दोष (मंगल का 1, 4, 7, 8, 12 भाव में होना) अक्सर मंगल महादशा में जीवनसाथी के स्वभाव पर पहला ठोस प्रभाव दिखाता है, यद्यपि अधिकांश मांगलिक मामले स्वयं रद्द हो जाते हैं और उनसे डरने की आवश्यकता नहीं। मंगल-शुक्र अंतर्दशा सामान्य विवाह-संकेत है। मंगल-शनि अंतर्दशा अलगाव या तीव्र घर्षण ला सकती है।

Health rulerships and risks

मंगल रक्त, माँसपेशियाँ, अस्थिमज्जा, सिर तथा शल्य-कर्म का स्वामी है। मंगल काल सामान्यत: शल्य चिकित्सा, धारदार वस्तुओं से दुर्घटना, रक्त विकार, उच्च रक्तचाप तथा तीव्र ज्वर के लिए सबसे प्रचलित दशा है। यदि मंगल जन्म में पीड़ित हो तो दशा में वाहन चलाने, अग्नि के पास, और शारीरिक रूप से कठिन कार्य के समय सावधानी आवश्यक है। त्वचा (मुँहासे, फोड़े) और दंत-रोग भी सामने आते हैं।

The role of the bhukti (antardasha)

मंगल महादशा में नौ अंतर्दशाएँ हैं। मंगल-बृहस्पति तथा मंगल-शुक्र शास्त्रीय रूप से शुभ हैं। मंगल-शनि (एक टकराव संयोजन) तथा मंगल-राहु (अंगारक योग का सक्रिय रूप) सावधानी की मांग करते हैं। मंगल-सूर्य अधिकार में लाभ देता है किंतु पिता या सरकार से घर्षण भी।

What natal strength of मंगल implies

मेष या वृश्चिक (स्वराशि), मकर (उच्च), केन्द्र में, पीड़ा रहित मंगल बल का दशा-स्वामी है। कर्क का नीच मंगल, सूर्य से अस्त मंगल, राहु के निकट संयोग वाला मंगल (अंगारक), अथवा बिना भंग के 6/8/12 में स्थित मंगल कठिन काल देता है, जिसमें धैर्य और शारीरिक सावधानी आवश्यक है।

Common life events during the period

मंगल महादशा में सामान्य घटनाएँ: सम्पत्ति का क्रय या विक्रय, भाई से जुड़ी घटना (अक्सर भाई का विवाह या स्थानांतरण), शल्य चिकित्सा, करियर में तीखा परिवर्तन, सेना या खेल में उपलब्धि, व्यवसाय की स्थापना, वाहन दुर्घटना, अथवा भूमि पर मुकदमा। अचल सम्पदा का भाग्य इस काल में दोनों ओर बदलता है।

What to do during the period

व्यवहार में मंगल महादशा निर्देशित ऊर्जा का फल देती है। नियमित शारीरिक अभ्यास, मार्शल आर्ट, पहल करने के बजाय कार्य पूर्ण करने की आदत, और संघर्ष-समाधान कौशल बहुत काम करते हैं। पारंपरिक सहायक उपाय: हनुमान चालीसा, मंगलवार का सही पालन (मंगलवार का व्रत सब के लिए नहीं है, विशेष रूप से निर्बल लग्न वालों के लिए नहीं), मसूर अथवा ताँबे का दान। स्पष्ट निर्बल मंगल काल में आवेग में वाहन क्रय से बचें। हम मूँगा या महँगे यंत्र खरीदने की सलाह डिफ़ॉल्ट रूप से नहीं देते।

Classical sources

बीपीएचएस का मंगल दशाफल तथा फलदीपिका 9.14 से 9.20 इस काल का विवरण देते हैं। सारावली बताती है कि लग्न से 4, 7 या 8 भाव में मंगल अपनी ही महादशा में मांगलिक प्रभाव सबसे प्रबल देता है, परंतु यह दस रद्दीकरण नियम भी सूचीबद्ध करती है।

Frequently asked questions about मंगल Mahadasha

मंगल महादशा कितने वर्ष की होती है?+

मंगल महादशा 7 वर्ष की होती है। विंशोत्तरी क्रम में यह चन्द्र (10) के बाद और राहु (18) से पहले आती है।

क्या मंगल महादशा में दुर्घटना से डरना चाहिए?+

डरना नहीं, सतर्क रहना उचित है। जन्म में पीड़ित मंगल की दशा सांख्यिकीय रूप से शल्य प्रसंग, वाहन दुर्घटना और रक्त-संबंधी समस्या से जुड़ी होती है। सावधानी से वाहन चलाना, अग्नि से बचाव और नियमित रक्त जाँच उचित हैं। भय आवश्यक नहीं।

क्या मंगल महादशा विवाह के लिए अशुभ है?+

डिफ़ॉल्ट रूप से नहीं। संतुलित मंगल काल (विशेषकर मंगल-शुक्र और मंगल-बृहस्पति अंतर्दशा) सामान्य विवाह-संकेत है। मांगलिक दोष की लोक-चिंता अधिकतर अति-निर्धारित है। शास्त्र इसके अनेक रद्दीकरण नियम देते हैं और अधिकांश कुंडलियाँ कम से कम एक नियम के अंतर्गत आ जाती हैं।

मंगल महादशा में कौन से करियर अनुकूल हैं?+

सेना, पुलिस, शल्य चिकित्सा, अभियांत्रिकी, खेल, स्थावर सम्पदा, निर्माण, खनन, अग्नि-संबंधी व्यवसाय, और स्व-उद्यम। प्रत्येक वह कार्य जहाँ निर्णायक कर्म ही उत्पाद हो।

मंगल महादशा में अंगारक योग क्या है?+

अंगारक योग जन्मकुंडली में मंगल और राहु का संयोग है। मंगल महादशा में, विशेष रूप से अन्य दशाओं के भीतर मंगल-राहु अथवा राहु-मंगल अंतर्दशा में, यह संयोग आवेग, क्रोध और दुर्घटना-संभावना को बढ़ाता है। शास्त्रीय उपाय: इन समय खंडों में सोच-समझ कर धीमे निर्णय लेना।

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