Vimshottari · 10 years · Classical Vedic
चन्द्र Mahadasha effects in Vedic astrology
चन्द्र महादशा दस वर्ष की होती है और विंशोत्तरी क्रम में सूर्य के पश्चात आती है। जहाँ सूर्य आत्मा का स्वामी है, वहाँ चन्द्र मनस् का स्वामी है, अर्थात् वह दैनिक मन जिससे आप अनुभव करते हैं, सोते हैं, याद रखते हैं, जुड़ते हैं, और स्त्रियों, माता तथा जनसामान्य से संबंध बनाते हैं। बीपीएचएस में बलवान चन्द्र की दशा को अन्न, आभूषण, मित्र और जल-यात्रा का सूचक कहा गया है। निर्बल या पीड़ित चन्द्र चिंता, अनिद्रा, माता पक्ष में संकट और अस्थिर भीतरी जीवन देता है।
- Duration
- 10 years
- Sanskrit
- चन्द्र
- Total cycle
- 120 years
मन, माता, जनसामान्य, जल और भावनात्मक जीवन का कारक।
Characteristic themes during चन्द्र Mahadasha
चन्द्र महादशा की बनावट चन्द्र की जन्मकालीन स्थिति से बहुत निकटता से जुड़ी है, क्योंकि चन्द्र सदा परिवर्तनशील और प्रतिबिंबक है। शुक्ल पक्ष का चन्द्र (पक्ष बल अधिक) अधिक उत्साहमय दस वर्ष देता है। कृष्ण पक्ष का चन्द्र अंतर्मुखी दस वर्ष देता है, जिसके फल काल के अंत में पकते हैं। चन्द्र का नक्षत्र भी महत्वपूर्ण है: रोहिणी का चन्द्र और ज्येष्ठा का चन्द्र समान बल पर भी बहुत भिन्न परिणाम देते हैं। सार्वजनिक जीवन, भावनात्मक बंधन, अन्न, दूध, जल के निकट संपत्ति तथा माता से सम्बंधित विषय बार-बार सामने आते हैं।
Career during the period
चन्द्र महादशा का करियर उन क्षेत्रों के लिए अनुकूल है जहाँ जन-भावना ही माध्यम हो: आतिथ्य, अन्न-डेयरी, सेवा-कार्य, मास संचार, खुदरा, स्थावर सम्पदा, जलयान, तथा स्त्रियों और बच्चों से जुड़ा कार्य। दशम भाव का चन्द्र सार्वजनिक दृश्यता द्वारा पदोन्नति देता है। चतुर्थ भाव का चन्द्र पारिवारिक व्यवसाय अथवा सम्पत्ति-कार्य को बल देता है। यदि चन्द्र जल राशि (कर्क, वृश्चिक, मीन) में हो तो यह काल जल-यात्रा और विदेशी पद के लिए अनुकूल है।
Marriage and relationships
चन्द्र विवाह के भीतर मानसिक शांति का कारक है, और संतुलित चन्द्र दशा दीर्घ साझेदारियों के लिए अनोखी रूप से मित्रता पूर्ण होती है। चन्द्र-बृहस्पति अंतर्दशा विवाह-समय का सबसे प्रमुख शास्त्रीय संकेत है, विशेष रूप से स्त्रियों के लिए। यदि जन्म चन्द्र शनि से पीड़ित हो (विष योग या शकट योग), अथवा बिना भंग के केमद्रुम योग में हो, तो इस काल में भावनात्मक अलगाव, एकाकीपन या जीवनसाथी से तनाव की संभावना है।
Health rulerships and risks
चन्द्र की स्वास्थ्य अधिकारिता है: उदर, फेफड़े, स्तन, शरीर के तरल, नींद और मन। निर्बल चन्द्र की दशा अनिद्रा, रक्ताल्पता, रोग-प्रतिरोध की कमी, जल-संचय और मौसमी अवसाद के रूप में प्रकट होती है। फलदीपिका वृश्चिक के नीच चन्द्र की दशा को छाती और फेफड़ों की समस्याओं से जोड़ती है। दस वर्षों की अवधि इतनी लंबी है कि किसी भी अनुष्ठान से अधिक भोजन, नींद की स्वच्छता तथा मानसिक स्वास्थ्य का सहारा महत्वपूर्ण है।
The role of the bhukti (antardasha)
चन्द्र महादशा में नौ अंतर्दशाएँ होती हैं। चन्द्र-बृहस्पति तथा चन्द्र-शुक्र शास्त्रीय रूप से शुभ हैं और प्रायः विवाह, संतान-जन्म अथवा सम्पत्ति-क्रय का काल बनती हैं। चन्द्र-शनि और चन्द्र-राहु को सावधानी की दृष्टि से देखा जाता है: भावनात्मक थकान, अवसाद, माता पक्ष में कलह अथवा अनिवार्य स्थानांतरण इन काल खंडों में संभव है। चन्द्र-मंगल त्वरित यात्रा और शीघ्र लाभ देता है, परंतु मन में अस्थिरता के साथ।
What natal strength of चन्द्र implies
कर्क में स्वराशि का चन्द्र, वृषभ में उच्च का चन्द्र, पूर्णिमा के निकट (पक्ष बल अधिक), बृहस्पति से केन्द्र में (गजकेसरी योग), तथा शनि-राहु से अप्रभावित होने पर चन्द्र महादशा सार्वजनिक जीवन में असाधारण सहजता देती है। वृश्चिक का नीच चन्द्र, बिना भंग के केमद्रुम (चन्द्र के दूसरे या बारहवें कोई ग्रह न हो), अथवा शनि-राहु-केतु से निकट पीड़ा होने पर वही दस वर्ष एकांत, अनिश्चय और दीर्घकालिक चिंता की ओर मुड़ जाते हैं।
Common life events during the period
चन्द्र महादशा में सामान्य जीवन घटनाएँ: विवाह, संतान का जन्म, सम्पत्ति का क्रय, माता का दीर्घ रोग या निधन, समुद्र पार स्थानांतरण, मूल स्थान पर वापसी, अथवा मित्र-वृत्त में बड़ा परिवर्तन। राजनीति, पत्रकारिता, सोशल मीडिया जैसे सार्वजनिक जीवन कार्य बलवान चन्द्र दशा में चरम पर पहुँचते हैं।
What to do during the period
व्यवहार में चन्द्र महादशा अंतर्मुखी कार्यों पर फल देती है: नियमित नींद, जल के निकट समय, स्थिर आहार और परिवार की वरिष्ठ स्त्रियों का साथ। शास्त्रीय परामर्श यह है कि माता से सामंजस्य बनाए रखें, चाहे वे जीवित हों या स्मृति में, क्योंकि चन्द्र का स्वास्थ्य उस संबंध से प्रतिबिम्बित होता है। निर्बल चन्द्र के लिए मंगल और शनिवार का व्रत उचित नहीं है। सोमवार का व्रत तथा चावल या दूध का दान पारंपरिक सहायक उपाय हैं।
Classical sources
बीपीएचएस के चन्द्र दशाफल अध्याय तथा फलदीपिका 9.7 से 9.13 में चन्द्र काल का विस्तार से वर्णन है। जैमिनि सूत्र इस काल में जन्म लग्न पर चन्द्र के अर्गल को सार्वजनिक प्रतिष्ठा के पूर्वानुमान हेतु महत्वपूर्ण मानते हैं।
Frequently asked questions about चन्द्र Mahadasha
चन्द्र महादशा कितने वर्ष की होती है?+
चन्द्र महादशा 10 वर्ष की होती है। नौ विंशोत्तरी कालों में यह दूसरी सबसे छोटी है। सूर्य (6) के बाद और मंगल (7) से पहले।
क्या चन्द्र महादशा विवाह के लिए शुभ है?+
संतुलित चन्द्र महादशा, विशेषकर चन्द्र-बृहस्पति तथा चन्द्र-शुक्र अंतर्दशा, विवाह-समय के मुख्य शास्त्रीय संकेतों में है। चन्द्र-बृहस्पति अंतर्दशा विशेष रूप से कई कुंडलियों में विवाह घटना के साथ बार-बार आती है।
महादशा में निर्बल चन्द्र क्या संकेत देता है?+
नीच, केमद्रुम या निकट से पीड़ित चन्द्र की दशा प्रायः दस वर्ष अस्थिर मन, अनिद्रा, परिवार में तनाव (विशेषकर माता से), रोग-प्रतिरोध की कमी और सामाजिक संकोच देती है। अनुष्ठानिक उपायों से अधिक चिकित्सा-परामर्श, नींद का अनुशासन तथा परिवार का सहारा यहाँ काम करता है।
चन्द्र महादशा में कौन से करियर अनुकूल हैं?+
आतिथ्य, डेयरी और भोजन, नर्सिंग और स्वास्थ्य सेवा, मास संचार और पत्रकारिता, खुदरा, स्थावर सम्पदा, जलयान, तथा प्रत्येक वह कार्य जहाँ जन-भावना माध्यम हो। स्त्रियों, बच्चों या घरों से जुड़ा कार्य भी अनुकूल है।
चन्द्र महादशा की कौन सी अंतर्दशा सबसे कठिन होती है?+
चन्द्र-शनि तथा चन्द्र-राहु प्रायः सबसे कठिन मानी जाती हैं। दोनों भावनात्मक थकान, अवसाद की लहर, तथा माता या घर में व्यवधान दे सकती हैं। वास्तविक फल जन्मकुंडली में शनि या राहु की स्थिति पर निर्भर करता है।
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