शास्त्रीय मंत्र
Aditya Hridayam (Opening verses)
Aditya
Surya
Sun · weekday Sunday
मंत्र
आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं जपेन्नित्यमक्षयं परमं शिवम्। सर्वमङ्गलमाङ्गल्यं सर्वपापप्रणाशनम्। चिन्ताशोकप्रशमनमायुर्वर्धनमुत्तमम्
ādityahṛdayaṃ puṇyaṃ sarvaśatruvināśanam. jayāvahaṃ japennityamakṣayaṃ paramaṃ śivam. sarvamaṅgalamāṅgalyaṃ sarvapāpapraṇāśanam. cintāśokapraśamanamāyurvardhanamuttamam
आदित्य हृदय पुण्यदायी है और सब शत्रुओं का नाश करता है। प्रतिदिन जप किए जाने पर यह विजय देता है, अक्षय और परम शिव है। यह सब मंगलों का मंगल है, सब पापों का नाश करता है, चिन्ता और शोक का शमन करता है, और आयु बढ़ाने वाला उत्तम है।
यह मंत्र क्या करता है
आदित्य हृदय पुण्यदायी है और सब शत्रुओं का नाश करता है। प्रतिदिन जप किए जाने पर यह विजय देता है, अक्षय और परम शिव है। यह सब मंगलों का मंगल है, सब पापों का नाश करता है, चिन्ता और शोक का शमन करता है, और आयु बढ़ाने वाला उत्तम है।
कब जप करें
रविवार को सूर्योदय पर। सार्वजनिक साहस की किसी बड़ी परीक्षा से पूर्व विशेष उपयोगी। ऋषि अगस्त्य ने यह श्रीराम को रावण-युद्ध की प्रातः दिया था।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Valmiki Ramayana, Yuddha Kanda 105 (Sage Agastya teaches this to Rama)
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
Aditya Hridayam (Opening verses) का शास्त्रीय विधि से जप करने के लिए साइन अप करें: श्वास-गति 108-मनका काउंटर, वार और तिथि रिमाइंडर, रिकॉर्ड किए गए पाठ संकेत, यात्रा के दिनों में भी बनी रहने वाली स्ट्रीक। Vidhata पर निःशुल्क।
निःशुल्क साइन अप करें