गायत्री मंत्र

Chandra Gayatri

Chandra

Chandra

Moon · weekday Monday

मंत्र

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि तन्नः चन्द्रः प्रचोदयात्

oṃ kṣīraputrāya vidmahe amṛtatattvāya dhīmahi tannaḥ candraḥ pracodayāt

दूधिया सागर से उत्पन्न, अमृत-तत्व चन्द्र देव का हम ध्यान करते हैं। चन्द्र हमारे मन को जगाएँ।

यह मंत्र क्या करता है

दूधिया सागर से उत्पन्न, अमृत-तत्व चन्द्र देव का हम ध्यान करते हैं। चन्द्र हमारे मन को जगाएँ।

कब जप करें

सोमवार को चन्द्र बीज के बाद या स्वतंत्र साधना के रूप में। सूर्यास्त के बाद श्रेष्ठ है।

अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार

शास्त्रीय स्रोत

Taittiriya Aranyaka 10.1; classical gayatri tradition

इस मंत्र का अभ्यास करें

श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।

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