शास्त्रीय मंत्र
Gayatri Mantra
Gayatri
Savitr
The solar source · sunrise sandhya
मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्
oṃ bhūrbhuvaḥ svaḥ. tatsaviturvareṇyaṃ bhargo devasya dhīmahi. dhiyo yo naḥ pracodayāt
हम उस दिव्य सविता के तेज का ध्यान करते हैं जो तीनों लोकों को प्रकाशित करते हैं। वह तेज हमारे मनों को प्रेरित करे।
यह मंत्र क्या करता है
हम उस दिव्य सविता के तेज का ध्यान करते हैं जो तीनों लोकों को प्रकाशित करते हैं। वह तेज हमारे मनों को प्रेरित करे।
कब जप करें
शास्त्रीय संध्या-विधि में दिन में तीन बार: सूर्योदय, मध्याह्न, और सूर्यास्त। यदि केवल एक ही समय संभव हो तो सूर्योदय सबसे परंपरागत है।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Rigveda 3.62.10; the central Vedic mantra of Hindu practice
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
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