दोष-निवारण मंत्र

Kaal Sarpa Dosha Shanti (Naga Stuti)

Kaal

Nagaraja

King of the nagas · Naga Panchami and any Panchami tithi

मंत्र

ॐ नागराजाय नमः। अनन्ताय वासुकये तक्षकाय कर्कोटकाय नमः

oṃ nāgarājāya namaḥ. anantāya vāsukaye takṣakāya karkoṭakāya namaḥ

नागराजाओं को प्रणाम: अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक। जब सारे ग्रह राहु और केतु के बीच बैठे हों, तब नाग कुल इस अक्ष को स्थिर करता है।

यह मंत्र क्या करता है

नागराजाओं को प्रणाम: अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक। जब सारे ग्रह राहु और केतु के बीच बैठे हों, तब नाग कुल इस अक्ष को स्थिर करता है।

कब जप करें

नाग पंचमी पर, किसी भी पंचमी तिथि पर, और राहु या केतु महादशा के प्रारंभ में। सूर्योदय के समय नैऋत्य कोण (दक्षिण संधि की दिशा) की ओर मुख करके श्रेष्ठ है।

अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार

शास्त्रीय स्रोत

Mahabharata, Adi Parva (the naga lineage section); also Naga Panchami vrat tradition in Bhavishya Purana

इस मंत्र का अभ्यास करें

श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।

Kaal Sarpa Dosha Shanti (Naga Stuti) का शास्त्रीय विधि से जप करने के लिए साइन अप करें: श्वास-गति 108-मनका काउंटर, वार और तिथि रिमाइंडर, रिकॉर्ड किए गए पाठ संकेत, यात्रा के दिनों में भी बनी रहने वाली स्ट्रीक। Vidhata पर निःशुल्क।

निःशुल्क साइन अप करें

संबंधित मंत्र

Browse the full mantra catalogue.