बीज मंत्र
Ketu Beej Mantra
Ketu
Ketu
दक्षिण नोड
मंत्र
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
oṃ srāṃ srīṃ srauṃ saḥ ketave namaḥ
दक्षिण राशि-संधि केतु को प्रणाम। ये ध्वनियाँ त्याग, अंतर्मुखता, और किसी लंबे अध्याय के समापन के कार्य में सहायता करती हैं।
यह मंत्र क्या करता है
दक्षिण राशि-संधि केतु को प्रणाम। ये ध्वनियाँ त्याग, अंतर्मुखता, और किसी लंबे अध्याय के समापन के कार्य में सहायता करती हैं।
कब जप करें
सायं काल में या निद्रा से ठीक पहले, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके। किसी बड़े कार्य के समापन, बीमारी से उबरने, या किसी हानि के साथ बैठने के समय उपयोगी।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Skanda Purana, Ketu-stotra; verses also in Brahma Purana
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
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