गायत्री मंत्र
Rahu Gayatri
Rahu
Rahu
Northern node
मंत्र
ॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्
oṃ nākadhvajāya vidmahe padmahastāya dhīmahi tanno rāhuḥ pracodayāt
आकाश-ध्वज वाले, हाथ में पद्म लिए राहु का हम ध्यान करते हैं। उत्तर संधि अपरिचित को स्थिर करे।
यह मंत्र क्या करता है
आकाश-ध्वज वाले, हाथ में पद्म लिए राहु का हम ध्यान करते हैं। उत्तर संधि अपरिचित को स्थिर करे।
कब जप करें
दिन के राहु काल में, या देर रात के कार्य और अपरंपरागत निर्णय से पूर्व।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Skanda Purana, Rahu-stotra
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
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