दोष-निवारण मंत्र

Sade Sati Shanti (Shani Stuti)

Sade

Shani

Saturn · weekday Saturday

मंत्र

नीलाञ्जनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्

nīlāñjanasamābhāsaṃ raviputraṃ yamāgrajam. chāyāmārtaṇḍasambhūtaṃ taṃ namāmi śanaiścaram

अंजन के समान श्याम, सूर्य-पुत्र, यम के अग्रज, छाया और मार्तंड से उत्पन्न शनैश्चर देव को मैं प्रणाम करता हूँ।

यह मंत्र क्या करता है

अंजन के समान श्याम, सूर्य-पुत्र, यम के अग्रज, छाया और मार्तंड से उत्पन्न शनैश्चर देव को मैं प्रणाम करता हूँ।

कब जप करें

साढ़ेसाती के दौरान (जब शनि जन्म-चन्द्र और उसके पड़ोसी राशियों पर साढ़े सात वर्ष तक गोचर करता है) प्रतिदिन। शनिवार सूर्यास्त को श्रेष्ठ, या सप्ताह के किसी भी सूर्यास्त को कर सकते हैं।

अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार

शास्त्रीय स्रोत

Brahma-vaivarta Purana, Shani Khanda 12; Shani Stotra by Dasaratha (preserved in Skanda Purana)

इस मंत्र का अभ्यास करें

श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।

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