बीज मंत्र

Shani Beej Mantra

Shani

Shani

Saturn · weekday Saturday

मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

oṃ prāṃ prīṃ prauṃ saḥ śanaiścarāya namaḥ

धीरे चलने वाले शनैश्चर देव को प्रणाम। ये ध्वनियाँ शनि के समय में मन को स्थिर करती हैं: अनुशासन, धैर्य, और दीर्घ दृष्टि के साथ।

यह मंत्र क्या करता है

धीरे चलने वाले शनैश्चर देव को प्रणाम। ये ध्वनियाँ शनि के समय में मन को स्थिर करती हैं: अनुशासन, धैर्य, और दीर्घ दृष्टि के साथ।

कब जप करें

शनिवार को सूर्यास्त के समय, पश्चिम दिशा की ओर मुख करके। शनि महादशा के प्रारंभ में, साढ़ेसाती के दौरान, या जब किसी लंबे और कठिन कर्तव्य में डटे रहना हो।

अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार

शास्त्रीय स्रोत

Brahma-vaivarta Purana, Shani Khanda; verses on Shani worship in Skanda Purana, Avantya Khanda

इस मंत्र का अभ्यास करें

श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।

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