गायत्री मंत्र
Shukra Gayatri
Shukra
Shukra
Venus · weekday Friday
मंत्र
ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्
oṃ aśvadhvajāya vidmahe dhanurhastāya dhīmahi tannaḥ śukraḥ pracodayāt
अश्व-ध्वज वाले, हाथ में धनुष लिए शुक्र देव का हम ध्यान करते हैं। शुक्र प्रेम और सृजन में सहजता जगाएँ।
यह मंत्र क्या करता है
अश्व-ध्वज वाले, हाथ में धनुष लिए शुक्र देव का हम ध्यान करते हैं। शुक्र प्रेम और सृजन में सहजता जगाएँ।
कब जप करें
शुक्रवार को सूर्योदय के बाद, संबंधों या रचनात्मक कार्य की देखभाल से पूर्व।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Brahma-vaivarta Purana; gayatri tradition
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
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