बीज मंत्र
Shukra Beej Mantra
Shukra
Shukra
शुक्र · शुक्रवार
मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
oṃ drāṃ drīṃ drauṃ saḥ śukrāya namaḥ
शुक्र ग्रह को प्रणाम। ये ध्वनियाँ संबंधों में मधुरता लाती हैं, सौंदर्य-दृष्टि और कला-जीवन को परिष्कृत करती हैं, और अच्छे विश्राम से मिलने वाला शारीरिक सुख देती हैं।
यह मंत्र क्या करता है
शुक्र ग्रह को प्रणाम। ये ध्वनियाँ संबंधों में मधुरता लाती हैं, सौंदर्य-दृष्टि और कला-जीवन को परिष्कृत करती हैं, और अच्छे विश्राम से मिलने वाला शारीरिक सुख देती हैं।
कब जप करें
शुक्रवार को सूर्योदय के बाद, पूर्व या आग्नेय कोण की ओर मुख करके। प्रेम, कला, या किसी संबंध की बातचीत से पहले भी उपयोगी है।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Brahma-vaivarta Purana, Lakshmi Khanda; also Saubhagya-Lakshmi Upanishad
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
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