27 में से नक्षत्र 17 · 3°20' से 16°40' वृश्चिक
अनुराधा नक्षत्र
अनुराधा
अनुराधा सत्रहवाँ नक्षत्र है, जो वृश्चिक राशि के 3°20' से 16°40' तक स्थित है। इसके अधिष्ठाता देवता मित्र हैं, बारह आदित्यों में से एक, मित्रता, अनुबंध और सूर्य के कोमल मुख के देव। स्वामी ग्रह शनि है। अनुराधा का अर्थ है "राधा के बाद" या "राधा का अनुगामी," जहाँ राधा विशाखा का एक नाम है। यह नक्षत्र विशाखा की महत्वाकांक्षा पर निर्माण करता है, उन मित्रता के बंधनों के साथ जो प्रयास को सहारा देते हैं।
- स्वामी ग्रह
- शनि
- देवता
- मित्र (मित्रता और अनुबंध के आदित्य देव)
- प्रतीक
- कमल पुष्प; विजय द्वार
- राशि
- वृश्चिक
- गण / योनि / नाड़ी
- Deva · Deer · Madhya
- वर्ण
- Shudra
प्रतीकात्मकता
कमल पुष्प गहराई से उठती सुंदरता का प्रतीक है: कमल कीचड़ भरे जल में उगता है और प्रकाशमान होकर निकलता है। अनुराधा जातक प्रायः कठिन परिस्थितियों से गुजरते हैं और उससे अधिक सशक्त एवं उदार बनकर निकलते हैं। वृश्चिक स्थान के बावजूद मित्र की उपस्थिति इस नक्षत्र को असामान्य रूप से गर्मजोश और मित्रता-केन्द्रित बनाती है।
अनुराधा जातकों का व्यक्तित्व
अनुराधा जातकों का व्यक्तित्व: मित्रवत, समर्पित, परिश्रमी, समूह-केन्द्रित, व्यवहार में कोमल किंतु आत्मा में दृढ़निश्चयी। शनि का स्वामित्व उन्हें धैर्य और अनुशासन देता है; मित्र का प्रभाव उन्हें वास्तविक गर्मजोशी और टिकाऊ मित्रताएँ बनाने का कौशल देता है। वे प्रायः वफादार सहायक या विश्वस्त सलाहकार होते हैं।
चार पाद
अनुराधा के चार पाद इस प्रकार हैं: वृश्चिक-सिंह (पहला पाद, सूर्य नवांश, राजसी किंतु वफादार), वृश्चिक-कन्या (दूसरा, बुध, क्रमबद्ध), वृश्चिक-तुला (तीसरा, शुक्र, सर्वाधिक राजनयिक), और वृश्चिक-वृश्चिक (चौथा, स्व-नवांश में मंगल पर मंगल, सर्वाधिक तीव्र एवं खोजी)।
करियर की प्रवृत्तियाँ
करियर रुझान: अंतर्राष्ट्रीय मामले और कूटनीति, बड़े संगठन और नौकरशाही, लंबे ध्यान वाला अनुसंधान, खनन और तेल उद्योग (वृश्चिक का अधिपत्य), तंत्र और रहस्यवादी अध्ययन, समूह सहायन, दान और गैर सरकारी संगठन कार्य, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ वफादारी और दीर्घकालिक प्रयास का मूल्य हो।
विवाह अनुकूलता
विवाह संगति: अनुराधा का गण देव, योनि मृग, नाड़ी मध्य, वर्ण शूद्र है। मृग-योनि का जोड़ीदार ज्येष्ठा है। अनुराधा के विवाह वफादार और मित्रता-आधारित होते हैं; जातक विशेष रूप से समर्पित साथी होता है।
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स्वास्थ्य विषय
स्वास्थ्य विषय: प्रजनन तंत्र (वृश्चिक का अधिपत्य), कब्ज, रक्त विकार, और शनि-शासित दीर्घकालिक स्थितियाँ। अनुराधा जातक स्थिर दिनचर्या और चरम सीमाओं से बचने से लाभान्वित होते हैं।
आध्यात्मिक रुझान
आध्यात्मिक रूप से, अनुराधा समूहों के माध्यम से निभाई गई भक्ति का नक्षत्र है। मित्र की शिक्षा यह है कि सही ढंग से धारण की गई मित्रता उपासना का एक रूप है। बहुत से भक्ति परंपरा के साधकों की कुंडली में अनुराधा का सशक्त प्रभाव होता है।
शास्त्रीय स्रोत
बीपीएचएस अनुराधा का दशा स्वामी शनि को नियुक्त करती है। फलदीपिका अनुराधा के मित्रता-झुकाव और भक्ति क्षमता पर बल देती है। सारावली इस नक्षत्र को अंतर्राष्ट्रीय मामलों और बड़े संगठनों से जोड़ती है।
The dasha lord शनि starts every अनुराधा native's Vimshottari sequence. Read the शनि Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.
अनुराधा नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनुराधा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+
शनि अनुराधा का स्वामी है। देवता मित्र हैं, मित्रता और अनुबंध के आदित्य देव।
अनुराधा नक्षत्र का अर्थ क्या है?+
अनुराधा का अर्थ है "राधा के बाद" या "राधा का अनुगामी।" यह नक्षत्र विशाखा की महत्वाकांक्षा पर निर्माण करता है, उन मित्रता के बंधनों के साथ जो प्रयास को सहारा देते हैं।
क्या अनुराधा विवाह के लिए शुभ है?+
हाँ, अत्यंत। अनुराधा जातक वफादार, समर्पित साथी होते हैं। मृग-योनि का जोड़ीदार ज्येष्ठा है। नक्षत्र का मित्रता-झुकाव विशेष रूप से स्थिर विवाह बनाता है।
अनुराधा जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+
अंतर्राष्ट्रीय मामले और कूटनीति, बड़े संगठन, लंबे ध्यान वाला अनुसंधान, खनन और तेल, तंत्र और रहस्यवादी अध्ययन, समूह सहायन, दान कार्य, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ वफादारी और दीर्घकालिक प्रयास का मूल्य हो।
अनुराधा की महादशा कब आती है?+
अनुराधा जातक का जीवन शनि महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। शनि महादशा 19 वर्ष की होती है, विंशोत्तरी में दूसरी सबसे लंबी।
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