27 में से नक्षत्र 16 · 20°00' तुला से 3°20' वृश्चिक

विशाखा नक्षत्र

विशाखा

विशाखा सोलहवाँ नक्षत्र है, जो तुला और वृश्चिक की संधि पर 20°00' तुला से 3°20' वृश्चिक तक विस्तृत है। इसके अधिष्ठाता देवता इन्द्र और अग्नि साथ (इन्द्राग्नि) हैं, देवराज और अग्नि देव संयुक्त रूप से, और स्वामी ग्रह बृहस्पति है। विशाखा का अर्थ है "द्विशाखी" या "दो शाखाओं वाली।" यह नक्षत्र लक्ष्य प्राप्ति, प्रयास के बाद की विजय और विजयी क्षण से जुड़ा है।

स्वामी ग्रह
बृहस्पति
देवता
इन्द्राग्नि (इन्द्र और अग्नि साथ)
प्रतीक
विजय द्वार; द्विशाखी टहनी
राशि
तुला-वृश्चिक
गण / योनि / नाड़ी
Rakshasa · Tiger · Adi
वर्ण
Mlechha

प्रतीकात्मकता

विजय द्वार लंबे अभियान के बाद विजय जुलूस का प्रतीक है। द्विशाखी टहनी निर्णय के बिंदु का प्रतीक है: दो रास्ते जो प्रतिबद्धता मांगते हैं। विशाखा जातक चारित्रिक रूप से महत्वाकांक्षी, केन्द्रित, और दीर्घकालिक उपलब्धि के लिए अल्पकालिक सुख त्यागने को तैयार होते हैं।

विशाखा जातकों का व्यक्तित्व

विशाखा जातकों का व्यक्तित्व: महत्वाकांक्षी, केन्द्रित, दृढ़निश्चयी, कभी-कभी अधीर, असामान्य दृढ़ता से प्रायः सफल। बृहस्पति का स्वामित्व उन्हें धार्मिक महत्वाकांक्षा देता है; इन्द्राग्नि का दोहरा देवत्व उन्हें योद्धा की अग्नि और राजा का अधिकार दोनों देता है। वे प्रायः देर से पकने वाले होते हैं जो सतत प्रयास के बाद चरम पर पहुँचते हैं।

चार पाद

विशाखा के चार पाद इस प्रकार हैं: तुला-मेष (पहला पाद, मंगल नवांश, सर्वाधिक योद्धा-समान), तुला-वृषभ (दूसरा, शुक्र, अधिक इन्द्रिय-संवेदी), तुला-मिथुन (तीसरा, बुध, वाचाल एवं प्रभावक), और वृश्चिक-कर्क (चौथा, चन्द्र, सर्वाधिक भावनात्मक एवं तीव्र)।

करियर की प्रवृत्तियाँ

करियर रुझान: राजनीति और सार्वजनिक पद (इन्द्र देवराज हैं), सैन्य नेतृत्व, चैम्पियनशिप स्तर पर खेल, बड़े पैमाने की उद्यमिता, न्यायपालिका, धार्मिक नेतृत्व, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ लंबे क्षितिज पर सतत महत्वाकांक्षा ही उत्पाद हो। बहुत से देर से पकने वाले विजेताओं की कुंडली में विशाखा प्रबल है।

विवाह अनुकूलता

विवाह संगति: विशाखा का गण राक्षस, योनि बाघ (चित्रा की तरह), नाड़ी आदि, वर्ण म्लेच्छ है। बाघ-योनि का जोड़ीदार चित्रा है। विशाखा के विवाह अपने ढंग से महत्वाकांक्षी होते हैं: दोनों साथियों के प्रायः सशक्त करियर और साझा दीर्घकालिक लक्ष्य होते हैं।

शास्त्रीय रूप से अनुकूल

शास्त्रीय रूप से कठिन

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स्वास्थ्य विषय

स्वास्थ्य विषय: गुर्दे की समस्याएँ (तुला भाग), प्रजनन तंत्र (वृश्चिक भाग), यकृत (बृहस्पति का स्वामित्व), थक जाने तक अति-कार्य की प्रवृत्ति, और पित्त-संबंधी स्थितियाँ। विशाखा जातकों को प्रायः विश्राम की याद दिलाने की आवश्यकता होती है।

आध्यात्मिक रुझान

आध्यात्मिक रूप से, विशाखा केन्द्रित भक्ति सिखाती है। भगवान बुद्ध परंपरागत रूप से विशाखा में जन्मे माने जाते हैं। नक्षत्र की शिक्षा यह है कि बोधि का लंबा अभियान कई जन्मों में सतत एक-केन्द्रित प्रयास है।

शास्त्रीय स्रोत

बीपीएचएस विशाखा का दशा स्वामी बृहस्पति को नियुक्त करती है। फलदीपिका विशाखा की महत्वाकांक्षा और लक्ष्य प्राप्ति पर बल देती है। बृहत् संहिता विशाखा को मिश्र (मिले-जुले) नक्षत्रों में सूचीबद्ध करती है, जिनमें उग्र और धार्मिक दोनों गुण हैं।

The dasha lord बृहस्पति starts every विशाखा native's Vimshottari sequence. Read the बृहस्पति Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.

विशाखा नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+

बृहस्पति विशाखा का स्वामी है। देवता इन्द्र और अग्नि साथ हैं (इन्द्राग्नि), देवराज और अग्नि देव।

विशाखा नक्षत्र का अर्थ क्या है?+

विशाखा का अर्थ है "द्विशाखी" या "दो शाखाओं वाली।" यह नक्षत्र लक्ष्य प्राप्ति, प्रयास के बाद की विजय, और प्रतिबद्धता मांगने वाले निर्णय बिंदु से जुड़ा है।

क्या विशाखा विवाह के लिए शुभ है?+

विशाखा के विवाह में महत्वाकांक्षी साथी और साझा दीर्घकालिक लक्ष्य होते हैं। बाघ-योनि का जोड़ीदार चित्रा है। दोनों साथियों के प्रायः सशक्त करियर होते हैं।

विशाखा जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+

राजनीति और सार्वजनिक पद, सैन्य नेतृत्व, चैम्पियनशिप खेल, बड़े पैमाने की उद्यमिता, न्यायपालिका, धार्मिक नेतृत्व, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ लंबे क्षितिज पर सतत महत्वाकांक्षा ही उत्पाद हो।

विशाखा की महादशा कब आती है?+

विशाखा जातक का जीवन बृहस्पति महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। बृहस्पति महादशा 16 वर्ष की होती है।

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