बीज मंत्र
Mangal Beej Mantra
Mangal
Mangal
मंगल · मंगलवार
मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
oṃ krāṃ krīṃ krauṃ saḥ bhaumāya namaḥ
पृथ्वी से उत्पन्न मंगल देव को प्रणाम। ये बीज ध्वनियाँ साहस और केंद्रित ऊर्जा को सही दिशा देती हैं, बिना इसे क्रोध में बिखरने दिए।
यह मंत्र क्या करता है
पृथ्वी से उत्पन्न मंगल देव को प्रणाम। ये बीज ध्वनियाँ साहस और केंद्रित ऊर्जा को सही दिशा देती हैं, बिना इसे क्रोध में बिखरने दिए।
कब जप करें
मंगलवार को सूर्योदय के समय, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके। साहस की किसी परीक्षा से पहले, जैसे कठिन आमना-सामना, कोई खेल, या किसी महत्वपूर्ण शारीरिक कार्य से पहले उपयोगी है।
अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार
शास्त्रीय स्रोत
Skanda Purana, Mangal-stotra section; also Phaladeepika 16.4 commentary
इस मंत्र का अभ्यास करें
श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।
Mangal Beej Mantra का शास्त्रीय विधि से जप करने के लिए साइन अप करें: श्वास-गति 108-मनका काउंटर, वार और तिथि रिमाइंडर, रिकॉर्ड किए गए पाठ संकेत, यात्रा के दिनों में भी बनी रहने वाली स्ट्रीक। Vidhata पर निःशुल्क।
निःशुल्क साइन अप करें