27 में से नक्षत्र 24 · 6°40' से 20°00' कुंभ

शतभिषा नक्षत्र

शतभिषक्

शतभिषा चौबीसवाँ नक्षत्र है, जो कुंभ राशि के 6°40' से 20°00' तक स्थित है। इसके अधिष्ठाता देवता वरुण हैं, ब्रह्मांडीय जल और शपथों के देव, और स्वामी ग्रह राहु है। शतभिषा का अर्थ है "सौ चिकित्सक" या "सौ औषधियाँ।" यह नक्षत्र चिकित्सा, रहस्य और गहरे अज्ञात से जुड़ा है।

स्वामी ग्रह
राहु
देवता
वरुण (ब्रह्मांडीय जल और शपथों के देव)
प्रतीक
खाली वृत्त; सौ चिकित्सक; एक हजार तारे
राशि
कुंभ
गण / योनि / नाड़ी
Rakshasa · Horse · Adi
वर्ण
Butcher

प्रतीकात्मकता

खाली वृत्त गहरे अज्ञात का प्रतीक है: जो भरा या समाहित नहीं किया जा सकता बल्कि केवल प्रवेश किया जा सकता है। सौ चिकित्सक इस नक्षत्र की चिकित्सा शक्ति और इसके बिखरे, बहुलक गुण दोनों का प्रतीक हैं। शतभिषा जातक चारित्रिक रूप से रहस्यमय या छिपे विषयों में रुचि रखते हैं, और प्रायः असामान्य चिकित्सा क्षमताएँ रखते हैं।

शतभिषा जातकों का व्यक्तित्व

शतभिषा जातकों का व्यक्तित्व: स्वतंत्र, दार्शनिक, कभी-कभी एकाकी, प्रायः अपनी रुचियों में असामान्य, और गहन अंतर्दृष्टि में सक्षम। राहु का स्वामित्व उन्हें अपरंपरागत रेखा देता है; वरुण का प्रभाव उन्हें ज्ञान के गहरे जल से जोड़ता है। वे प्रायः स्वाध्यायी और असामान्य विशेषज्ञ होते हैं।

चार पाद

शतभिषा के चार पाद इस प्रकार हैं: कुंभ-धनु (पहला पाद, बृहस्पति नवांश, सर्वाधिक दार्शनिक), कुंभ-मकर (दूसरा, शनि, सर्वाधिक अनुशासित), कुंभ-कुंभ (तीसरा, स्व-नवांश में शनि पर शनि, सर्वाधिक सुधारवादी), और कुंभ-मीन (चौथा, बृहस्पति, सर्वाधिक रहस्यवादी)।

करियर की प्रवृत्तियाँ

करियर रुझान: चिकित्सा (विशेषकर अनुसंधान और दुर्लभ रोग विशेषज्ञताएँ), औषधि विज्ञान, ज्योतिष (छिपे पैटर्नों का विज्ञान), गुप्तचरी और खुफिया कार्य, सांख्यिकी और डेटा विज्ञान, बिजली और तकनीक, मद्य और व्यसन चिकित्सा, गुप्त अध्ययन, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ छिपा या दुर्लभ ही कार्य सामग्री हो।

विवाह अनुकूलता

विवाह संगति: शतभिषा का गण राक्षस, योनि अश्व (अश्विनी की तरह), नाड़ी आदि, वर्ण कसाई है। अश्व-योनि का जोड़ीदार अश्विनी है। शतभिषा जातक प्रायः देर से विवाह करते हैं या अपरंपरागत विवाह होते हैं; बहुत से अविवाहित रहते हैं या लंबी अपरंपरागत साझेदारियों में।

शास्त्रीय रूप से अनुकूल

शास्त्रीय रूप से कठिन

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स्वास्थ्य विषय

स्वास्थ्य विषय: टखने (कुंभ), स्नायुतंत्र की अति-उत्तेजना, रहस्यमय या बिना निदान वाली स्थितियाँ (राहु सम्बंध), व्यसनकारी पैटर्न, और एकांत की प्रवृत्ति जो मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। स्थिर संबंध और दिनचर्या मायने रखते हैं।

आध्यात्मिक रुझान

आध्यात्मिक रूप से, शतभिषा सिखाती है कि गहरे जल वह धारण करते हैं जो सतह नहीं कर सकती। बहुत से गंभीर ज्योतिषियों, चिकित्सकों और रहस्यवादी शोधकर्ताओं की कुंडली में शतभिषा का सशक्त प्रभाव होता है। वरुण की शिक्षा यह है कि सत्य को दी गई शपथ वास्तविकता को बाँधती है।

शास्त्रीय स्रोत

बीपीएचएस शतभिषा का दशा स्वामी राहु को नियुक्त करती है। फलदीपिका इस नक्षत्र की चिकित्सा और छिपे ज्ञान की दिशा पर बल देती है। सारावली शतभिषा को चिकित्सा, ज्योतिष और रहस्यवादी अध्ययन से जोड़ती है।

The dasha lord राहु starts every शतभिषा native's Vimshottari sequence. Read the राहु Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.

शतभिषा नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शतभिषा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+

राहु शतभिषा का स्वामी है। देवता वरुण हैं, ब्रह्मांडीय जल और शपथों के देव।

शतभिषा नक्षत्र का अर्थ क्या है?+

शतभिषक् का अर्थ है "सौ चिकित्सक" या "सौ औषधियाँ।" यह नक्षत्र चिकित्सा, रहस्य और गहरे अज्ञात से जुड़ा है।

क्या शतभिषा विवाह के लिए शुभ है?+

विवाह प्रायः देर से होता है या अपरंपरागत रूप लेता है। अश्व-योनि का जोड़ीदार अश्विनी है। कुछ शतभिषा जातक अविवाहित रहते हैं या लंबी अपरंपरागत साझेदारियों में; नक्षत्र इस पर दंड नहीं देता।

शतभिषा जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+

चिकित्सा (विशेषकर अनुसंधान और दुर्लभ रोग विशेषज्ञताएँ), औषधि विज्ञान, ज्योतिष, गुप्तचरी और खुफिया कार्य, सांख्यिकी और डेटा विज्ञान, बिजली और तकनीक, व्यसन चिकित्सा, गुप्त अध्ययन, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ छिपा ही कार्य सामग्री हो।

शतभिषा की महादशा कब आती है?+

शतभिषा जातक का जीवन राहु महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। राहु महादशा 18 वर्ष की होती है।

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