27 में से नक्षत्र 15 · 6°40' से 20°00' तुला
स्वाती नक्षत्र
स्वाती
स्वाती पंद्रहवाँ नक्षत्र है, जो तुला राशि के 6°40' से 20°00' तक स्थित है। इसके अधिष्ठाता देवता वायु हैं, पवन देव और प्राण के स्वामी, और स्वामी ग्रह राहु है। स्वाती का अर्थ है "स्वतः चलने वाला" या "स्वतंत्र।" यह नक्षत्र गति, स्वतंत्रता और वायु के गुणों से जुड़ा है।
- स्वामी ग्रह
- राहु
- देवता
- वायु (पवन देव)
- प्रतीक
- हवा में लहराता नवांकुर; तलवार
- राशि
- तुला
- गण / योनि / नाड़ी
- Deva · Buffalo · Antya
- वर्ण
- Butcher
प्रतीकात्मकता
हवा में लहराता नवांकुर अनुकूलनशीलता और लचीलेपन का प्रतीक है: जो वल्लरी झुकती है वह तूफान में बच जाती है। वैकल्पिक प्रतीक के रूप में तलवार उस तीक्ष्ण स्पष्टता की ओर इंगित करती है जो वायु बादल भरे आकाश में लाती है। स्वाती जातक चारित्रिक रूप से स्वतंत्र, गतिशील और अनुकूल होते हैं।
स्वाती जातकों का व्यक्तित्व
स्वाती जातकों का व्यक्तित्व: स्वतंत्र, राजनयिक, गतिशील, अनुकूलनशील, निष्पक्ष, कभी-कभी बेचैन। राहु का स्वामित्व उन्हें अपरंपरागत रेखा देता है; वायु का प्रभाव उन्हें निरंतर गति में रखता है, शाब्दिक रूप से (यात्रा) और लाक्षणिक रूप से (बदलते हित)। वे प्रायः कुशल मध्यस्थ होते हैं क्योंकि वे सभी पक्षों को सुन सकते हैं।
चार पाद
स्वाती के चार पाद इस प्रकार हैं: तुला-धनु (पहला पाद, बृहस्पति नवांश, धार्मिक एवं यात्रा-प्रिय), तुला-मकर (दूसरा, शनि, अनुशासित एवं महत्वाकांक्षी), तुला-कुंभ (तीसरा, शनि पर शनि, सुधारवादी एवं मानवतावादी), और तुला-मीन (चौथा, बृहस्पति, सर्वाधिक आध्यात्मिक झुकाव)।
करियर की प्रवृत्तियाँ
करियर रुझान: व्यापार और वाणिज्य (विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय), कूटनीति और कानून, परिवहन और लॉजिस्टिक्स, विमानन, मध्यस्थता और पंचाट, विपणन और जनसंपर्क, पत्रकारिता (विदेशी संवाददाता), स्वतंत्र परामर्श, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ स्वतंत्रता और गतिशीलता ही उत्पाद हों।
विवाह अनुकूलता
विवाह संगति: स्वाती का गण देव, योनि भैंस (हस्त की तरह), नाड़ी अंत्य, वर्ण कसाई (एक असामान्य शास्त्रीय निर्धारण) है। भैंस-योनि का जोड़ीदार हस्त है। स्वाती जातकों का विवाह तब अच्छा चलता है जब साथी उनकी स्वतंत्रता का सम्मान करे; नियंत्रक साथी टकराव उत्पन्न करते हैं।
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स्वास्थ्य विषय
स्वास्थ्य विषय: श्वसन (वायु श्वास का अधिपति है), त्वचा और परिसंचरण, गुर्दे का स्वास्थ्य (तुला भाग), स्नायुतंत्र की थकान, और राहु-शासित रहस्यमय स्थितियाँ। प्राणायाम और नियमित गति अधिकांश से अधिक मायने रखते हैं।
आध्यात्मिक रुझान
आध्यात्मिक रूप से, स्वाती प्राणायाम और श्वास-कार्य का नक्षत्र है। वायु की शिक्षा यह है कि श्वास मन का वाहन है, और नियंत्रित श्वास सब कुछ नियंत्रित करता है। बहुत से गंभीर योगियों की कुंडली में स्वाती का सशक्त प्रभाव होता है।
शास्त्रीय स्रोत
बीपीएचएस स्वाती का दशा स्वामी राहु को नियुक्त करती है। फलदीपिका स्वाती की स्वतंत्रता और गतिशीलता पर बल देती है। सारावली इस नक्षत्र को व्यापार, यात्रा और राजनयिक गतिविधियों से जोड़ती है।
The dasha lord राहु starts every स्वाती native's Vimshottari sequence. Read the राहु Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.
स्वाती नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्वाती नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+
राहु स्वाती का स्वामी है। देवता वायु हैं, पवन देव और प्राण के स्वामी।
स्वाती नक्षत्र का अर्थ क्या है?+
स्वाती का अर्थ है "स्वतः चलने वाला" या "स्वतंत्र।" यह नक्षत्र गति, स्वतंत्रता, अनुकूलनशीलता और वायु के गुणों से जुड़ा है।
क्या स्वाती विवाह के लिए शुभ है?+
स्वाती के विवाह तब अच्छे चलते हैं जब दोनों साथी स्वतंत्रता का सम्मान करें। भैंस-योनि का जोड़ीदार हस्त है। नियंत्रक साथी टकराव उत्पन्न करते हैं; स्वतंत्रता का सम्मान करने वाले साथी टिकाऊ बंधन बनाते हैं।
स्वाती जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+
व्यापार और वाणिज्य, कूटनीति और कानून, परिवहन और लॉजिस्टिक्स, विमानन, मध्यस्थता, विपणन और जनसंपर्क, पत्रकारिता, स्वतंत्र परामर्श, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ स्वतंत्रता और गतिशीलता ही उत्पाद हों।
स्वाती की महादशा कब आती है?+
स्वाती जातक का जीवन राहु महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। राहु महादशा 18 वर्ष की होती है।
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