गायत्री मंत्र

Guru Gayatri (Brihaspati)

Guru

Brihaspati

गुरु · गुरुवार

मंत्र

ॐ वृषभध्वजाय विद्महे क्रुनिहस्ताय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्

oṃ vṛṣabhadhvajāya vidmahe kruṇihastāya dhīmahi tanno guruḥ pracodayāt

वृषभ-ध्वज वाले, माला धारण करने वाले बृहस्पति का हम ध्यान करते हैं। गुरु हमारे सही विवेक को जगाएँ।

यह मंत्र क्या करता है

वृषभ-ध्वज वाले, माला धारण करने वाले बृहस्पति का हम ध्यान करते हैं। गुरु हमारे सही विवेक को जगाएँ।

कब जप करें

गुरुवार को सुबह, विशेष रूप से नई शिक्षा प्रारंभ करते समय या किसी बड़े निर्णय के समय।

अनुशंसित संख्या: प्रतिदिन 108 बार

शास्त्रीय स्रोत

Skanda Purana, Brihaspati-charitra; Taittiriya Aranyaka 10

इस मंत्र का अभ्यास करें

श्वास गति, संकल्प इनपुट और स्ट्रीक ट्रैकिंग के साथ 5-चरण जप प्रवाह आज़माएँ।

Guru Gayatri (Brihaspati) का शास्त्रीय विधि से जप करने के लिए साइन अप करें: श्वास-गति 108-मनका काउंटर, वार और तिथि रिमाइंडर, रिकॉर्ड किए गए पाठ संकेत, यात्रा के दिनों में भी बनी रहने वाली स्ट्रीक। Vidhata पर निःशुल्क।

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