27 में से नक्षत्र 13 · 10°00' से 23°20' कन्या

हस्त नक्षत्र

हस्त

हस्त तेरहवाँ नक्षत्र है, जो कन्या राशि के 10°00' से 23°20' तक स्थित है। इसके अधिष्ठाता देवता सवित्र हैं, प्रात:काल के सौर देव जो कर्म को जीवंत और प्रेरित करते हैं, और स्वामी ग्रह चन्द्र है। हस्त का अर्थ है "हाथ," और प्रतीक खुली हथेली है। यह नक्षत्र कौशल, शिल्पकौशल और हाथों के कार्य से जुड़ा है।

स्वामी ग्रह
चन्द्र
देवता
सवित्र (प्रात:काल का सौर देव, सूर्य का एक रूप)
प्रतीक
हाथ (खुली हथेली)
राशि
कन्या
गण / योनि / नाड़ी
Deva · Buffalo · Adi
वर्ण
Vaishya

प्रतीकात्मकता

हाथ कौशल का प्रतीक है: माली का हाथ, शल्य चिकित्सक का हाथ, लेखक का हाथ, जादूगर का हाथ। हस्त जातक चारित्रिक रूप से शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कुशल होते हैं। यह नक्षत्र गायत्री मंत्र (जो सवित्र का आह्वान करता है) और दिन को तैयार करने वाली प्रात:कालीन साधनाओं से जुड़ा है।

हस्त जातकों का व्यक्तित्व

हस्त जातकों का व्यक्तित्व: चतुर, बुद्धिमान, हाथों से कुशल, शीघ्र-विचारक, कभी-कभी शरारती, और प्रायः छोटे विवरणों में प्रवीण। चन्द्र का स्वामित्व उन्हें संवेदनशीलता देता है; सवित्र का प्रभाव उन्हें प्रेरक गुण देता है। वे असामान्य रूप से सक्षम हैं किंतु अपनी क्षमताओं को बहुत सी छोटी परियोजनाओं में बिखेर सकते हैं।

चार पाद

हस्त के चार पाद इस प्रकार हैं: कन्या-मेष (पहला पाद, मंगल नवांश, ऊर्जावान एवं महत्वाकांक्षी), कन्या-वृषभ (दूसरा, शुक्र, इन्द्रिय-संवेदी एवं स्थिर), कन्या-मिथुन (तीसरा, बुध पर बुध, सर्वाधिक संप्रेषक एवं चतुर), और कन्या-कर्क (चौथा, चन्द्र पर चन्द्र, सर्वाधिक गृह-केन्द्रित)।

करियर की प्रवृत्तियाँ

करियर रुझान: हस्तशिल्प और कारीगरी, शल्य चिकित्सा और दंत चिकित्सा, मालिश और शरीर कार्य, बागवानी और उद्यान विज्ञान, जादू और भ्रम, हास्य और मनोरंजन, आभूषण निर्माण, प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर (आधुनिक हस्तशिल्प), लेखन, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ कुशल हस्तकार्य ही उत्पाद हो।

विवाह अनुकूलता

विवाह संगति: हस्त का गण देव, योनि भैंस, नाड़ी आदि, वर्ण वैश्य है। भैंस-योनि का जोड़ीदार स्वाती है। विवाह व्यावहारिक साझेदारी और साझा कार्य में जुड़े होते हैं। हस्त जातक गर्मजोश हैं किंतु प्रायः साथी में सक्षमता को उच्च मूल्य देते हैं।

शास्त्रीय रूप से अनुकूल

शास्त्रीय रूप से कठिन

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स्वास्थ्य विषय

स्वास्थ्य विषय: स्नायुतंत्र की अति-उत्तेजना, हाथ और उंगलियों की चोटें (नक्षत्र हाथों पर शासन करता है), पाचन संवेदनशीलता (कन्या भाग), और अति-कार्य की प्रवृत्ति। हस्त जातक नियमित शारीरिक गतिविधि और विवरण कार्य से विश्राम से लाभान्वित होते हैं।

आध्यात्मिक रुझान

आध्यात्मिक रूप से, हस्त गायत्री साधक का नक्षत्र है। प्रात:कालीन गायत्री पाठ (जो सवित्र का आह्वान करता है) हस्त जातकों के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली है। शिक्षा: दिन पहले घंटे की साधना से आकार लेता है।

शास्त्रीय स्रोत

बीपीएचएस हस्त का दशा स्वामी चन्द्र को नियुक्त करती है। फलदीपिका हस्त के कौशल और चातुर्य पर बल देती है। सारावली इस नक्षत्र को छोटी, हल्की, शीघ्र गतिविधियों से जोड़ती है जो मुहूर्त के लिए उपयुक्त हैं।

The dasha lord चन्द्र starts every हस्त native's Vimshottari sequence. Read the चन्द्र Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.

हस्त नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हस्त नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+

चन्द्र हस्त का स्वामी है। देवता सवित्र हैं, प्रात:काल के सौर देव, जिनका आह्वान गायत्री मंत्र में होता है।

हस्त नक्षत्र का अर्थ क्या है?+

हस्त का अर्थ है "हाथ।" प्रतीक खुली हथेली है। यह नक्षत्र कौशल, शिल्पकौशल और हाथों के कार्य से जुड़ा है।

क्या हस्त विवाह के लिए शुभ है?+

हस्त के विवाह व्यावहारिक साझेदारी और साझा कार्य में जुड़े होते हैं। भैंस-योनि का जोड़ीदार स्वाती है। जातक प्रायः साथी में सक्षमता को मूल्य देता है।

हस्त जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+

हस्तशिल्प, शल्य चिकित्सा और दंत चिकित्सा, मालिश और शरीर कार्य, बागवानी, जादू और भ्रम, हास्य, आभूषण निर्माण, प्रोग्रामिंग, लेखन, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ कुशल हस्तकार्य ही उत्पाद हो।

हस्त की महादशा कब आती है?+

हस्त जातक का जीवन चन्द्र महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। चन्द्र महादशा 10 वर्ष की होती है।

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