27 में से नक्षत्र 14 · 23°20' कन्या से 6°40' तुला
चित्रा नक्षत्र
चित्रा
चित्रा चौदहवाँ नक्षत्र है, जो कन्या और तुला की संधि पर 23°20' कन्या से 6°40' तुला तक विस्तृत है। इसके अधिष्ठाता देवता त्वष्टा (कभी-कभी विश्वकर्मा) हैं, दिव्य शिल्पकार और देवी रचयिता, और स्वामी ग्रह मंगल है। चित्रा का अर्थ है "उज्ज्वल" या "चित्र," और यह नक्षत्र चित्रा तारे (स्पाइका) से जुड़ा है, रात के आकाश में सबसे चमकीले तारों में से एक।
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- देवता
- त्वष्टा (दिव्य शिल्पकार)
- प्रतीक
- उज्ज्वल रत्न; मोती
- राशि
- कन्या-तुला
- गण / योनि / नाड़ी
- Rakshasa · Tiger · Madhya
- वर्ण
- Vaishya
प्रतीकात्मकता
उज्ज्वल रत्न उस सौंदर्य का प्रतीक है जो रचा भी जाता है: मोती जिसे सीप एक अड़चन के चारों ओर बनाती है, खुरदरे पत्थर से तराशा गया रत्न। चित्रा जातकों में सुंदर वस्तुएँ बनाने की विशेष क्षमता होती है, प्रायः पेशेवर रूप से। यह नक्षत्र डिज़ाइन, वास्तुकला, और दिखावट के सावधान निर्माण से जुड़ा है।
चित्रा जातकों का व्यक्तित्व
चित्रा जातकों का व्यक्तित्व: करिश्माई, आकर्षक, डिज़ाइन-सजग, महत्वाकांक्षी, कभी-कभी अहंकारी, और प्रायः प्रस्तुति में दक्ष। मंगल का स्वामित्व उन्हें प्रेरणा देता है; त्वष्टा का प्रभाव उन्हें शिल्प देता है। वे अच्छा पहनते हैं, अच्छा प्रस्तुत करते हैं, और दिखावट की परवाह करते हैं। उनकी चुनौती उज्ज्वल बाहरी और आंतरिक गहराई के बीच का अंतर है।
चार पाद
चित्रा के चार पाद इस प्रकार हैं: कन्या-सिंह (पहला पाद, सूर्य नवांश, राजसी), कन्या-कन्या (दूसरा, बुध पर बुध, सर्वाधिक विश्लेषणात्मक एवं विवरण-केन्द्रित), तुला-तुला (तीसरा, शुक्र पर शुक्र, सर्वाधिक कलात्मक एवं साझेदारी-केन्द्रित), और तुला-वृश्चिक (चौथा, मंगल, सर्वाधिक तीव्र एवं खोजी)।
करियर की प्रवृत्तियाँ
करियर रुझान: वास्तुकला और डिज़ाइन, फैशन और मॉडलिंग, रत्न विज्ञान और आभूषण, फोटोग्राफी और दृश्य कला, विज्ञापन और ब्रांड डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन, इंजीनियरिंग (डिज़ाइन पक्ष), फिल्म और रंगमंच, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ दृश्य उत्कर्ष ही उत्पाद हो।
विवाह अनुकूलता
विवाह संगति: चित्रा का गण राक्षस, योनि बाघ, नाड़ी मध्य, वर्ण वैश्य है। बाघ-योनि का जोड़ीदार विशाखा है। चित्रा जातक प्रायः अपनी आकर्षकता और क्षमता के लिए माँगे जाने वाले साथी होते हैं। विवाह में ऐसा साथी मिलता है जो सौंदर्यपूर्ण जीवन की कद्र करे।
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स्वास्थ्य विषय
स्वास्थ्य विषय: पाचन (कन्या भाग), गुर्दे का स्वास्थ्य (तुला भाग), त्वचा संवेदनशीलता, विवरण कार्य से आँखों का तनाव, और मंगल-शासित सूजन की स्थितियाँ। सामान्यतः मजबूत; संतुलित विश्राम से लाभान्वित होते हैं।
आध्यात्मिक रुझान
आध्यात्मिक रूप से, चित्रा सिखाती है कि सुंदरता, अच्छी तरह बनाई गई, भक्ति का एक रूप है। त्वष्टा वह दिव्य शिल्पकार हैं जो देवों के उपयोग के लिए रूप को आकार देते हैं। बहुत से वास्तुकारों और डिज़ाइनरों की कुंडली में चित्रा प्रबल है।
शास्त्रीय स्रोत
बीपीएचएस चित्रा का दशा स्वामी मंगल को नियुक्त करती है। फलदीपिका चित्रा के डिज़ाइन, सौंदर्य और शिल्पकौशल से सम्बंधों पर बल देती है। बृहत् संहिता चित्रा को मिश्र (मिले-जुले) नक्षत्रों में सूचीबद्ध करती है।
The dasha lord मंगल starts every चित्रा native's Vimshottari sequence. Read the मंगल Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.
चित्रा नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+
मंगल चित्रा का स्वामी है। देवता त्वष्टा हैं, दिव्य शिल्पकार और रचयिता।
चित्रा नक्षत्र का अर्थ क्या है?+
चित्रा का अर्थ है "उज्ज्वल" या "चित्र।" यह नक्षत्र चित्रा (स्पाइका) तारे और डिज़ाइन, वास्तुकला तथा दृश्य शिल्पकौशल के कार्य से जुड़ा है।
क्या चित्रा विवाह के लिए शुभ है?+
चित्रा जातक प्रायः अपनी आकर्षकता और क्षमता के लिए माँगे जाते हैं। बाघ-योनि का जोड़ीदार विशाखा है। विवाह में ऐसा साथी मिलता है जो सौंदर्यपूर्ण जीवन की कद्र करे।
चित्रा जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+
वास्तुकला और डिज़ाइन, फैशन और मॉडलिंग, रत्न विज्ञान और आभूषण, फोटोग्राफी और दृश्य कला, विज्ञापन, इंटीरियर डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, फिल्म और रंगमंच, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ दृश्य उत्कर्ष ही उत्पाद हो।
चित्रा की महादशा कब आती है?+
चित्रा जातक का जीवन मंगल महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। मंगल महादशा 7 वर्ष की होती है।
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