27 में से नक्षत्र 27 · 16°40' से 30°00' मीन
रेवती नक्षत्र
रेवती
रेवती सत्ताईसवाँ और अंतिम नक्षत्र है, जो मीन राशि के 16°40' से 30°00' तक स्थित है। इसके अधिष्ठाता देवता पूषन हैं, पोषक और यात्रियों के रक्षक, जो आत्माओं को उनके अगले गंतव्य की ओर ले जाते हैं। स्वामी ग्रह बुध है। रेवती का अर्थ है "धनवान" या "समृद्ध।" यह नक्षत्र गण्डांत है (अंत पर मीन-मेष संधि), चन्द्र राशिचक्र का समापक नक्षत्र।
- स्वामी ग्रह
- बुध
- देवता
- पूषन (पोषक, यात्रियों के रक्षक)
- प्रतीक
- सागर में मछलियों का जोड़ा; मृदंग
- राशि
- मीन
- गण / योनि / नाड़ी
- Deva · Elephant · Antya
- वर्ण
- Shudra
प्रतीकात्मकता
सागर में मछलियों का जोड़ा पूर्णता का प्रतीक है: नक्षत्रों के पूरे राशिचक्र की यात्रा का मीन की गहराइयों में समापन। देवता के रूप में पूषन की उपस्थिति रेवती को सुरक्षित यात्रा का नक्षत्र बनाती है: यात्रियों के रक्षक, जन्मों के बीच आत्माओं के, पालतू जानवरों और जीवों के, और संक्रमण में हर किसी के।
रेवती जातकों का व्यक्तित्व
रेवती जातकों का व्यक्तित्व: कोमल, दयालु, रक्षात्मक, प्रायः गहराई से आध्यात्मिक, कभी-कभी विषादग्रस्त, और गहन करुणा में सक्षम। बुध का स्वामित्व उन्हें संप्रेषक उपहार देता है; पूषन का प्रभाव उन्हें कमजोरों के प्रति वास्तविक दया देता है। उनका जानवरों और बच्चों के साथ प्रायः असामान्य लगाव होता है।
चार पाद
रेवती के चार पाद इस प्रकार हैं: मीन-धनु (पहला पाद, बृहस्पति नवांश, सर्वाधिक दार्शनिक), मीन-मकर (दूसरा, शनि, सर्वाधिक अनुशासित), मीन-कुंभ (तीसरा, शनि पर शनि, सर्वाधिक सुधारवादी एवं मानवतावादी), और मीन-मीन (चौथा, स्व-नवांश में बृहस्पति पर बृहस्पति, सर्वाधिक आध्यात्मिक झुकाव वाला और गण्डांत-चिह्नित)।
करियर की प्रवृत्तियाँ
करियर रुझान: परामर्श और चिकित्सा, होस्पिस और जीवन के अंत की देखभाल, पशु चिकित्सा, पशु कल्याण, सामाजिक कार्य, धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षण, परिवहन और यात्रा उद्योग, आतिथ्य, संगीत और कला, लेखन, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ कमजोरों की कोमल रक्षा ही उत्पाद हो।
विवाह अनुकूलता
विवाह संगति: रेवती का गण देव, योनि गज (भरणी की तरह), नाड़ी अंत्य, वर्ण शूद्र है। गज-योनि का जोड़ीदार भरणी है। रेवती के विवाह कोमल और रक्षात्मक होते हैं; जातक विशेष रूप से दयालु साथी होता है।
शास्त्रीय रूप से अनुकूल
- आश्लेषा (Cat योनि)
- ज्येष्ठा (Deer योनि)
- उत्तर भाद्रपद (Cow योनि)
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स्वास्थ्य विषय
स्वास्थ्य विषय: पैर और अंगुलियाँ (मीन गण्डांत), लसिका तंत्र, द्रव संचय, और बुध-शासित स्नायुतंत्र की संवेदनशीलता। चौथे पाद का गण्डांत रेवती जातकों को अत्यधिक संवेदनशीलता की प्रवृत्ति देता है जिसके लिए धरती से जुड़ने वाली साधनाएँ आवश्यक हैं।
आध्यात्मिक रुझान
आध्यात्मिक रूप से, रेवती सुरक्षित यात्रा का नक्षत्र है। पूषन की शिक्षा यह है कि यात्रा स्वयं पवित्र है और जो यात्रियों का मार्गदर्शन करते हैं वे पवित्र कार्य करते हैं। बहुत से गंभीर जीवन-अंत देखभालकर्ताओं, होस्पिस कार्यकर्ताओं और आध्यात्मिक संगियों की कुंडली में रेवती का सशक्त प्रभाव होता है। चन्द्र राशिचक्र के समापन से पूर्णता और नये चक्र के द्वार का संकेत मिलता है।
शास्त्रीय स्रोत
बीपीएचएस रेवती का दशा स्वामी बुध को नियुक्त करती है। फलदीपिका रेवती की कोमलता और रक्षात्मक गुणों पर बल देती है। बृहत् संहिता रेवती को यात्रा तथा जानवरों और बच्चों से जुड़ी गतिविधियों के लिए शुभ मानती है।
The dasha lord बुध starts every रेवती native's Vimshottari sequence. Read the बुध Mahadasha effects page for what this Mahadasha brings.
रेवती नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रेवती नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+
बुध रेवती का स्वामी है। देवता पूषन हैं, पोषक और यात्रियों के रक्षक।
रेवती नक्षत्र का अर्थ क्या है?+
रेवती का अर्थ है "धनवान" या "समृद्ध।" यह नक्षत्र चन्द्र राशिचक्र का समापक नक्षत्र है और सुरक्षित यात्रा, कमजोरों की रक्षा, तथा पूर्णता का संकेत देता है।
क्या रेवती विवाह के लिए शुभ है?+
हाँ। रेवती के विवाह कोमल और रक्षात्मक होते हैं। गज-योनि का जोड़ीदार भरणी है। जातक विशेष रूप से दयालु और समर्पित साथी होता है।
रेवती जातक के लिए कौन सा करियर अनुकूल है?+
परामर्श और चिकित्सा, होस्पिस और जीवन के अंत की देखभाल, पशु चिकित्सा, पशु कल्याण, सामाजिक कार्य, धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षण, परिवहन और यात्रा उद्योग, आतिथ्य, संगीत और कला, और प्रत्येक वह वृत्ति जहाँ कमजोरों की कोमल रक्षा ही उत्पाद हो।
रेवती की महादशा कब आती है?+
रेवती जातक का जीवन बुध महादशा (नक्षत्र का स्वामी ग्रह) से आरंभ होता है। बुध महादशा 17 वर्ष की होती है।
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