Vidhata · Journal
Vedic astrology, written for thinking seekers
Plain-language essays from the Vidhata Editorial Desk - grounded in Parashari, KP, and Lal Kitab traditions. No marketing fluff, no copy-paste predictions, no fear-mongering. Just clear thinking about how the planets shape life.
Showing posts tagged #vedic astrology (clear)
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Janm Kundali
भृगु बिंदु: राहु और चंद्र के मध्य बिंदु का दावा असल में क्या है
भृगु बिंदु राहु और चंद्र से निकाला गया मध्य बिंदु है, जिसे कई आधुनिक ज्योतिषी नियति और मन के मिलन का बिंदु मानते हैं। यहाँ जानिए इसकी असली गणना, यह बृहत् पाराशर होरा शास्त्र और फलदीपिका में क्यों नहीं मिलता, और इस पर शनि व गुरु का गोचर जीवन के मोड़ों के लिए कैसे पढ़ा जाता है।
Vidhata Editorial Desk8 सित॰ 2026 · 10 min - ⚔️
Yogas & Doshas
ग्रह युद्ध: दो ग्रहों के बीच युद्ध का कुंडली पर असल में क्या असर पड़ता है
एक ही राशि में एक-दूसरे के लगभग एक अंश के भीतर बैठे दो ग्रहों को युद्धरत माना जाता है, और शास्त्रीय स्रोत इस पर सचमुच असहमत हैं कि जीतता कौन है। यहाँ पढ़िए कि ग्रह युद्ध हारने वाले ग्रह के परिणाम, दशा और भावेशत्व पर असल में क्या असर डालता है, और यह सुनने में जितना आम लगता है उतना है क्यों नहीं।
Vidhata Editorial Desk8 सित॰ 2026 · 9 min - 💍
Compatibility
उपपद लग्न: जैमिनी ज्योतिष विवाह के बारे में वास्तव में क्या कहता है
उपपद लग्न विवाह पढ़ने की जैमिनी पद्धति है: बारहवें भाव का आरूढ़, जिसे दाराकारक के साथ जोड़कर देखा जाता है। यहाँ जानिए यह कैसे निकाला जाता है, इसके आसपास पाप और शुभ ग्रहों का शास्त्रीय अर्थ क्या है, और ज्योतिषी वास्तव में किन बातों पर असहमत हैं।
Vidhata Editorial Desk8 सित॰ 2026 · 9 min - 🎭
Janm Kundali
आरूढ़ लग्न: व्यक्ति नहीं, उसकी छवि
आरूढ़ लग्न एक जैमिनी तकनीक है जो बताती है कि जीवन कैसा दिखता है, वह व्यक्ति असल में कैसा है यह नहीं। यहाँ जानिए इसे कैसे निकाला जाता है, पहले और सातवें भाव का परिणाम क्यों नहीं माना जाता, और बलवान आरूढ़ लग्न के नीचे कमज़ोर लग्न होना कुंडली की गलती नहीं बल्कि एक आम, समझने लायक पैटर्न क्यों है।
Vidhata Editorial Desk8 सित॰ 2026 · 11 min - ⭐
Predictions
तारा बल और चंद्र बल: किसी भी मुहूर्त से पहले की दो व्यक्तिगत जाँचें
एक पंचांग किसी तिथि को सबके लिए शुभ बता सकता है और फिर भी विशेष रूप से आपके लिए गलत हो सकता है। तारा बल और चंद्र बल वे दो जाँचें हैं जिन्हें एक ज्योतिषी किसी सामान्य मुहूर्त को तय मानने से पहले आपके अपने जन्म-विवरण के विरुद्ध चलाता है, और यही कारण है कि किसी भी दो लोगों को एक ही 'शुभ तिथियों' की सूची से तारीख नहीं चुननी चाहिए।
Vidhata Editorial Desk8 सित॰ 2026 · 9 min - 🔢
Janm Kundali
सर्वाष्टकवर्ग: बारह भावों के बिंदु-योग का असली अर्थ
सर्वाष्टकवर्ग सातों ग्रहों के बिंदुओं को जोड़कर हर भाव के लिए एक अंक देता है, और बारह भावों का योग हमेशा ठीक 337 पर आता है। ऊंचा या नीचा अंक वास्तव में क्या दर्शाता है, प्रकाशित मानदंड आपस में क्यों असहमत हैं, और गोचर तथा कक्षा से पठन कैसे बेहतर होता है।
Vidhata Editorial Desk7 सित॰ 2026 · 10 min - 🌞
Janm Kundali
अस्तंगत ग्रह: जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास आ जाए तो उसका अर्थ क्या है
अस्त ग्रह जलकर नष्ट नहीं हुआ है। अस्तंगत का अर्थ है कि ग्रह सूर्य के इतने पास खड़ा है कि आँख से दिखाई नहीं देता। यहाँ शास्त्रीय अंश सीमाएँ, वक्री बुध और शुक्र की अलग सीमाएँ, चंद्र और राहु केतु के विशेष मामले, और अस्त होने से वास्तव में क्या कमजोर पड़ता है, सब समझिए।
Vidhata Editorial Desk7 सित॰ 2026 · 10 min - 🪷
Yogas & Doshas
नीच भंग राज योग: जब ग्रह की नीचता भंग होती है
नीच ग्रह कमज़ोर होता है, अभिशप्त नहीं, और शास्त्र ऐसी शर्तें बताते हैं जिनमें वह कमज़ोरी भंग हो जाती है। यहाँ जानिए किन नियमों के पीछे सचमुच शास्त्रीय आधार है, कौन से विवादित हैं, और परिणाम तुरंत राजसुख नहीं बल्कि संघर्ष के बाद उत्थान क्यों होता है।
Vidhata Editorial Desk7 सित॰ 2026 · 10 min - ⚖️
Janm Kundali
षड्बल: ग्रह की शक्ति वास्तव में कैसे मापी जाती है
षड्बल ग्रह की शक्ति को छह तरीकों से मापता है और परिणाम अंकों में देता है। यहाँ समझिए कि छहों बल असल में क्या मापते हैं, रूप कैसे जुड़ते हैं, और ऊँचा अंक शुभ फल का नहीं, केवल कार्यक्षमता का वचन क्यों है।
Vidhata Editorial Desk6 सित॰ 2026 · 10 min - ✦
Remedies & gemstones
राशि और जन्म तिथि के अनुसार शुभ रंग
आपका शुभ रंग आपकी चंद्र राशि के स्वामी ग्रह, आपके लग्नेश और आपकी जन्म तिथि से बने मूलांक से निकलता है। एक अभ्यासी की ईमानदार मार्गदर्शिका, पूरी राशि तालिका और महत्वपूर्ण दिनों पर रंग का उपयोग कैसे करें, इसके साथ।
Vidhata Editorial Desk28 जुल॰ 2026 · 10 min - ✦
Janm Kundali
विदेश योग: अपनी कुंडली में विदेश यात्रा और विदेश में बसने का विश्लेषण
वैदिक कुंडली में विदेश यात्रा और स्थायी निवास पढ़ने के लिए एक अनुभवी ज्योतिषी का मार्गदर्शन: दूर देशों का बारहवां भाव, लंबी यात्राओं का नौवां भाव, चंद्र और राहु की भूमिका, घर से सातवां, वे योग जो केवल घूमने और विदेश में बसने के बीच अंतर करते हैं, और क्यों चल रही दशा ही समय तय करती है।
Vidhata Editorial Desk28 जुल॰ 2026 · 11 min - 🏠
Janm Kundali
चतुर्थ भाव (सुख भाव): घर, माता, संपत्ति और भीतरी संतोष
वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव का एक शास्त्रीय पाठ, जिसमें माता, भूमि और वाहन, हृदय, 4-10 अक्ष, और यह शामिल है कि संपत्ति का समय चतुर्थ के स्वामी की दशा के ज़रिए कैसे उभरता है।
Vidhata Editorial Desk25 जून 2026 · 11 min - ⚔️
Janm Kundali
वैदिक ज्योतिष में षष्ठ भाव: शत्रु, रोग, ऋण और संघर्ष की शक्ति
छठा भाव रोग, शत्रु और ऋण का स्वामी है, फिर भी समय के साथ यह मज़बूत होता है और लड़ने वाले पापी ग्रह को फल देता है। शत्रु-रोग भाव का एक अभ्यासी ज्योतिषी की दृष्टि से पाठ।
Vidhata Editorial Desk20 मई 2026 · 10 min
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